फ़िक्र जिक्र
तुमने सुनीं हैं वो बातें कहीं,
जो खामोशियों से थी मैंने कही,
दिल ये में फिर धड़कने लगा,
जब मैं तुम्हें दिल से समझने लगा।
तुम्हे मेरी जरा सी भी फिक्र न थी,
और मैं सारे जहां से तुम्हारा जिक्र करता रह गया।
तुमने सुनीं हैं वो बातें कहीं,
जो खामोशियों से थी मैंने कही,
दिल ये में फिर धड़कने लगा,
जब मैं तुम्हें दिल से समझने लगा।
तुम्हे मेरी जरा सी भी फिक्र न थी,
और मैं सारे जहां से तुम्हारा जिक्र करता रह गया।
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