मैं हूँ...(I am From)

मैं हूँ अधूरी बातों से
जिन्हें सुने बिना, मुझे गुनाहगार बता दिया।
मैं हूँ टूटे ख्वाबों से
जिन्हें फिर भी मैं बुनता चला गया।

मैं हूँ उलझे विचारों से
जिन्होंने मुझे कविताओं में ढाल दिया।
मैं हूँ मेरे अपनों से
जिन्होंने दर्द में भी मुझे हँसना सिखा दिया।

मैं हूँ अपने जिगरी यारों से
जिन्होंने हारी हुई लड़ाई भरोसे से जीता दिया।
मैं हूँ तेरी मोहब्बत से
जिसने नफ़रत भुला दिया।
मैं हूँ तेरी शख़्सियत से
जिसने सिर उठाना सिखा दिया।

मैं हूँ हक़ की लड़ाई से
कुछ अनुभव से, कुछ पढ़ाई से,
कमज़ोर रहे ना कोई, जिसने भलाई सिखा दिया।
मैं हूँ लंबे इंतज़ार से
जिसने धैर्य सिखा दिया।

मैं हूँ ड्रीम अ ड्रीम से
जिसने खुद को खुद से सुनना सिखा दिया,
प्रोसेस को प्रोसेस करना और 
ठहराव (pause) का महत्व अनुभव करा दिया,
तुमको मुझको सुनना सिखा दिया।

मैं हूँ अभी आभार से उनका 
जिन्होंने जीवन समझा दिया!
~luvone CTS 2025

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