क्या हो गया हूं मैं?

 धुंधला धुंधला सा हो गया हूं मैं,

अनजानी राहो में कहीं  खो सा गया हूं मैं, 

किसी एक उलझन में ठहर सा गया हूं मैं,

नई किताब के असर सा हो गया हूं मैं।

क्या से  क्या हो गया हूं मैं?

जवाब नही, सवाल हो गया हूं मैं,

सुना गया, अनसुना दास्तां हो गया हूं मैं,

हकीकत नही, ख्वाब हो गया हूं मैं,

पास नही, खुद से दूर हो गया हूं मैं।

ये  क्या हो गया हूं मैं?


मंजिल नहीं, फिर सफर हो गया हूं मैं,

नर्म नही, कठोर हो गया हूं मैं,

इंसान नही, धर्म हो गया हूं मैं,

खून नही, पानी हो गया हूं मैं,

क्या से  क्या हो गया हूं मैं?


प्रकाश नहीं, अंधकार हो गया हूं मैं,

दिन नही, अब रात हो गया हूं  मैं,

कल नही, काल हो गया हूं मैं,

इतिहास नहीं,  बवाल हो गया हूं मैं,

ये क्या हो गया हूं मैं?


प्रेम नहीं, अहंकार हो गया हूं मैं,

जीत के लिए पहला प्रहार हो गया हूं मैं,

हल नहीं, छल हो गया हूं मैं,

बुद्धिमान नहीं, बेअकल हो गया हूं मैं,

क्या से क्या हो गया हूं मैं?


हम नही, मै-मैं  हो गया हूं मैं,

भाव नही, जज्बात हो गया हूं मैं,

साथ नही, अकेला हो गया हूं मैं,

साफ नहीं, मैला हो गया हूं मैं,

नही चाहता था मैं तेरे जैसे बनना,

लेकिन तेरे जैसा बन गया हूं मैं,

क्या से  क्या हो गया हूं मैं?

~luvone


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